‘सरकार के दबाव में अध्यक्ष, विधानसभा के इतिहास में ये काला दिन’

भोपाल। मप्र विधानसभा में महिला अपराध पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होने से नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष पर सरकार के दबाव में होने का आरोप लगाते हुए इसे विधानसभा के इतिहास में काला दिन करार दिया है।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि, ‘प्रदेश की बहनों के भाई और बच्चियों को भांजी कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध पर विधानसभा में चर्चा करवाने से क्यों कतरा रहे हैं। 12 साल के जश्न मानने में मशगूल मुख्यमंत्री का एक बार फिर उनका ढोंग सामने आ गया है’। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सरकार के दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि आज यह विधानसभा के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा।

विधानसभा परिसर में धरना देता विपक्ष
‘दबाव में नहीं कर रहे चर्चा’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बड़ी दुख की बात है कि मप्र विधानसभा का गौरवान्वित इतिहास आज कलंकित हुआ। हम लोग दो दिन से विधानसभा स्पीकर से चर्चा की मांग कर रहे हैं, कि हमारा स्थगन लिया जाए। लेकिन मैने बहुत विधानसभा के अध्यक्ष देखे हैं यज्ञदत्त शर्मा, श्री निवास तिवारी और ईश्वरदास रोहाणी भी अध्यक्ष थे, लेकिन ऐसा समय नहीं देखा कि सामूहिक विपक्ष महिला उत्पीड़न के लिए स्थगन पर सरकार का ऐसा दबाव हो, कि चर्चा भी न हो।

स्थगन प्रस्ताव का मांग पर अड़ा विपक्ष
‘महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा की मांग’
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि कांग्रेस विधायक दल ने भोपाल में छात्रा के साथ हुए सामूहिक गैंगरेप की घटना और निरंतर महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध सहित, किसान, भावांतर, सूखा, चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाऐं, कुपोषण, बेरोजगारी, व्यापम महाघोटाले में मुख्यमंत्री की भूमिका, नीट और पीएससी भर्ती में घोटाले आदि को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा की मांग की है।
‘विपक्ष के अधिकारों का हनन’
इसके लिए स्थगन, ध्यानाकर्षण और अन्य नियम प्रक्रियाओं में चर्चा करने के लिए विषय लगाए हैं, लेकिन सदन के शुरू दिन से सरकार का रवैया सभी चर्चाओं से भागने का रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और विधानसभा का यह रवैया बेहद अलोकतांत्रिक और सदन में खासतौर विपक्ष के अधिकारों का हनन है।
‘सीएम ने बनाई पहले दिन से दूरी’
उन्होंने कहा कि 12 साल के जश्न में मुख्यमंत्री सदन की मर्यादाओं को ताक में रखे हुए हैं। उन्होंने पहले दिन से ही सदन से दूरी बनाए रखी है। गौरतलब है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन से कांग्रेस महिलाओं पर बढ़ रहे अपराध पर विधानसभा में चर्चा करवाने पर आड़ी है। जिसके लिए विपक्ष स्थगन प्रस्ताव की मांग कर रहा है। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा करवाने के लिए मना कर दिया।

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Vandana Sharma has, entered the world of abstract art from portrait pictures after learning and passing through the fine-tuned and refined process. And it has not happened in a single day. In fact, it is not possible without imbibing the multi-dimensions of the art tradition with keen interest and she has followed the tradition beautifully.